Lump Sum इन्वेस्टमेंट क्या होता है | Lump Sum Investment Meaning In Hindi

Lump Sum इन्वेस्टमेंट क्या होता है | Lump Sum Investment Meaning In Hindi

Lump Sum Investment Meaning In Hindi :

Lump Sum का मतलब किसी फण्ड को इकठ्ठा या एकमुश्त रखना ही lump Sum Investment कहलाता है इस प्रकार के निवेश को एक बार किया जाने वाला निवेश (one time investment) भी कहते है,

इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको ये बताने की कोशिश करेंगे की Lump Sum Investment कहा करना चाहिए और कब करना चाहिए क्या फायदे और नुकशान है और Lump Sum Investment करते समय किन बातो को ध्यान में रखना चाहिए ये सभी पॉइंट को हमने आपको बताया है |

Lump Sum इन्वेस्टमेंट क्या होता है (what is Lump Sum in hindi) :

lump Sum Investment वह निवेश होता है जब हम किसी बड़ी रकम को एक लम्बे समय के लिए होल्ड करके रखते है नाम से ही पता चलता है लम्बा सम्बा किया जाने वाला इन्वेस्टमेंट जिससे आगे जाकर एक अच्छे रिटर्न की उम्मीद करते है और ये time period काफी लम्बा होता है lump Sum Investment के लिए आपके पास बड़ी रकम होनी चाहिए

Lump Sum इन्वेस्टमेंट कैसे करे-how to Lump Sum investment in hindi :

Lump Sum Investment एक बेहतरीन इन्वेस्टमेंट होता है लेकिन बात आती है Lump Sum Investment कैसे करे तो सबसे पहले आपको मार्केट को टाइम करना होता है मतलब सही समय पर इन्वेस्ट करना होता है Lump Sum Investment करते समय हमेशा लॉन्ग टर्म गोल बनाकर के रखिये कंही भी पैसा डाल रहे है तो कुछ पैरामीटर को ध्यान में रखना चाहिए, की जहा हम पैसा डाल रहे है क्या वो सही जगह है क्या फ्यूचर में ग्रोथ क्या हो सकती है तो ये कुछ बेसिक चीजे है जिसे आप Lump Sum Investment करने से पहले ध्यान में रख सकते है |

Lump Sum Investment के लिए आपको debt fund ही सेलेक्ट करना चाहिए दोस्तों mutual fund में बेसिक रूल हमेशा से सेम रहा है आपको अपना म्यूच्यूअल फण्ड अपने investment goal, investment horizon और risk profile के समक्ष सेलेक्ट करना चाहिए |

सबसे पहला सवाल आपको अपने आप से पूछना चाहिए आपको Lump Sum मनी कब वापिस चाहिए या उसे कब निकलना चाहते है आप अपना गोल पहचान सकते है और उसके बाद उसके समक्ष इन्वेस्टमेंट कर सकते है

अगर आपको कुछ साल में आपके द्वारा इन्वेस्ट किये हुए पैसे वापिस चाहिए तो आपको debt mutual fund में इन्वेस्ट करना चाहिए अगर आप कुछ हफ्ते के लिए इन्वेस्टमेंट कर रहे है तो आप liquid fund का चयन कर सकते है अगर आप कुछ महीने या साल भर के लिए इन्वेस्टमेंट कर रहे है तो आप ultra short term fund सेलेक्ट कर सकते है

अगले कुछ साल के लिए अगर आप इन्वेस्टमेंट कर रहे है तो आपको short term date fund सेलेक्ट करना चाहिए लेकिन अगर आप लम्बे समय के लिए आपका पैसा नहीं चाहिये तो आप किसी येसे गोल के लिए इन्वेस्टमेंट कर रहे है जो की अभी 5 से 7 साल दूर है तो आप इक्विटी में भी इन्वेस्टमेंट कर सकते है

लेकिन दोस्तों हमारी राय यहाँ होगी की आपको इक्विटी में इन्वेस्ट करना है तो आप SIP के थ्रो इन्वेस्टमेंट करे या आप STP भी कर सकते है equity mutual fund में, STP में आप एक Lump Sum अमाउंट किसी debt fund में इन्वेस्ट कर देते है और उसी Lump Sum amount में से एक fixed amount को equity mutual fund में ट्रान्सफर करते रहते है

अगर आप इक्विटी में Lump Sum करते है तो आपको मार्केट को बार बार टाइम करना पड़ता है लेकिन अगर आप SIP करते है तो ये सब आपको नहीं करना पड़ेगा और भी बहुत से करण है जिनके कारण आपको इक्विटी में Lump Sum investment नहीं करना चाहिए इक्विटी में आप तभी इन्वेस्टमेंट करे जब आपके पास 5 साल से 7 साल का समय हो अगर आप इक्विटी में इन्वेस्ट करना चाहते हो तो,

lamp sum investment के लिए debt fund ही क्यों चुने :

  • debt fund में इन्वेस्टमेंट इक्विटी के अंतर में ज्यादा सुरक्षित है
  • debt fund में लिक्विडिटी भी equity mutual fund के अंतर में ज्यादा होता है
  • इसमें आपको लम्बे समय तक एक स्टेबल रिटर्न मिलता रहता है
  • अगर आप नए इन्वेस्टर है तो आपको debt fund से ही इन्वेस्ट करना चाहिए

lamp sum investment कहा करे :

lump Sum Investment in mutual fund : बहुत सारे येसे इन्वेस्टर है जो सही mutual fund का चुनाव नहीं करते है और वो अपने पैसो को उस फण्ड में डाल देते है जिससे उनको नुकशान हो जाता है अगर आप 4 से 5 साल के लिए इन्वेस्टमेंट करना है और थोडा रिस्क से भी बचना है जैसे सेक्टर फण्ड , फोकस फण्ड और वैल्यू फण्ड में निवेश करोगे तो रिस्क का फेक्टर काफी ज्यादा बड जाता है

अगर आपको 4 से 5 साल के लिए lump Sum Investment करना है तो कौन कौन से फण्ड को फोकस करना चाहिए और किस केटेगरी में फोकस कर सकते है हम आपको 3 से 4 केटेगरी बतायेगे जिसपर आप फोकस करके 4 से 5 साल के लिए आप यहाँ पर lump Sum कर सकते हो

  • debt fund : डेब्ट फण्ड में आपको थोडा कम रिटर्न मिलेगा लेकिन यहाँ पर आपका lump Sum फण्ड सिक्योर रहता है यहाँ पर इक्विटी और मार्केट का रिस्क नहीं होता है मतलब मार्केट के उतार चड़ाव से आपके डेब्ट फण्ड पर कोई प्रभाव देखने नहीं मिलेगा और इसमें आपको FD से ज्यादा रिटर्न मिल सकता है इसे शोर्ट टर्म फण्ड ही कहा जायेगा |
  • index fund : इस फण्ड में भी रिस्क फेक्टर थोडा कम देखने को मिलता है हलाकि इसमें इक्विटी का थोडा रिस्क जरुर रहता है लेकिन दुसरे केटेगरी के मुकाबले जैसे मिड कैप ,स्माल कैप ये सब केटेगरी से इंडेक्स में कम रिस्क देखने को मिलेगा
  • large cap : लार्ज कैप में ये फ़ायदा होता है की दुसरे केटेगरी से आपको कम गिरावट देखने को मिलेगी अगर मार्किट में गुरावत हुआ तो आप नोटिस करते है जैसे मिड कैप है स्माल कैप, मल्टी कैप, फ्लेक्सी कैप है इन सारे फण्ड में बहुत ज्यादा गिरावट देखने को मिलेगी लेकिन large cap fund में कम गिरावट देखने को मिलेगी
  • balance fund : बैलेंस फण्ड में आपका कुछ पैसा डेब्ट फण्ड में लग रहा होता है और कुछ हिस्सा इक्विटी में लग रहा होता है मतलब 40 to 60% इक्विटी और डेब्ट में लग रहा है लेकिन यहाँ पर जो इन्वेस्टमेंट होगा वो डेब्ट में भी होगा और इक्विटी में भी होगा इससे होता क्या है जब मार्केट में गिरावट होता है जो डेब्ट केटेगरी में पैसा लगा हुआ है उसमे आपको रिटर्न मिलता है और अगर इक्विटी में गिरावट भी होता है तो आपको उस फण्ड में नेगेटिव रिटर्न कम देखने को मिलता है बैलेंस फण्ड में रिटर्न ज्यादा से ज्यादा आपको 12 से 13% का रिटर्न देखने को मिलता है

Lump Sum इन्वेस्टमेंट के फायदे ( Lump Sum investment benefit in hindi ) :

  • Lump Sum Investment में सबसे बड़ा फायदा ये है की आप पूरी रकम को एक बार में निवेश कर देते है
  • Lump Sum Investment में एक long term investment के कारण अच्छे रिटर्न देखने को मिलते है
  • Lump Sum Investment में आप कितनी भी राशि को निवेश में लगा सकते है
  • अगर आप Lump Sum Investment में एक लम्बे समय के लिए निवेश करते है तो एक fixed deposit से ज्यादा का रिटर्न मिल जाता है
  • fixed deposit के मुकाबले Lump Sum Investment में return of % लगभग दोगुना मिलता है

Lump Sum इन्वेस्टमेंट के नुकशान (loss of Lump Sum investment ) :

हर इन्वेस्टमेंट के कुछ नुकशान भी होते है जिन्हें आपको ध्यान रखना होता है जिससे आप Lump Sum Investment के नुकशान से बच सकते है, आईये जानते है वो कौन से नुकशान है –

  • शेयर बाज़ार में उतार चड़ाव बहुत तेज़ी से होता है इसी बिच अगर आप Lump Sum Investment करते है और सॉर्ट टर्म के लिए करते है तो आपको ज्यादा नुकशान हो सकता है
  • अगर आप लम्प सम इक्विटी में निवेश करते है और शोर्ट टर्म के लिए करते है तो आपको बड़ा नुकशान उठाना पड़ सकता है
  • अगर आप डेब्ट फण्ड में शोर्ट टर्म के लिए निवेश कर रहे है तो बैंक जितना ही लाख आपको मिलेगा
  • मार्किट के समय को देखते हुए निवेश नहीं करते है तो सायद आपको एक अच्छा रिटर्न देखने को ना मिले इससे अच्छा है लम्प सम निवेश करने के लिए time updated रहना बहुत जरुरी है

Lump Sum इन्वेस्टमेंट करने से पहले कुछ बातो का रखे ध्यान

  • अगर आपकी शोर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट है तो मार्केट के समय को ध्यान में रखकर ही इन्वेस्ट करे
  • अगर आप all time high पर इन्वेस्ट कर देते हो तो आपका इन्वेटमेंट नुकशान में जा सकता है यानी की आपको negative return देखने संभावनाए ज्यादा रहती है
  • अगर आप मार्केट को टाइम कर रहे हो तो लॉन्ग टर्म में करो चाहे शोर्ट टर्म में करो कोई बुरी बात नहीं है लेकिन अगर लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट करना है तो मार्केट को टाइम करना उतना ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं होता है
  • Lump Sum Investment में लिक्विडिटी पर इन्वेस्ट कर रहे है तो लिक्विडिटी का खासा ध्यान रखिये की अगर आपको लिक्विडिटी चाहिए तो mutual fund में Lump Sum इन्वेस्टमेंट से थोडा बचियेगा आप लिक्विड फण्ड में जा सकते हो या फिर मनी मार्केट फण्ड में जा सकते हो जहा से आपका पैसा रेगुलर इनकम करके देता रहे और इमरजेंसी में भी काम आ सके
  • Lump Sum में वही पैसा इन्वेस्ट करे जो पैसा एक्स्ट्रा मनी के रूप में हो जिसकी वर्त्तमान और आने वाले समय में उस पैसे की जरुरत ना हो उसी पैसे को इन्वेस्ट करे
  • अगर आप Lump Sum investment कर रहे हो तो हमेशा ध्यान रहे की अगर इक्विटी में इन्वेस्ट कर रहे हो तो कभी भी बुरे स्टॉक में या पैनी स्टॉक में इन्वेस्ट मत करो वरना आपको बहुत ज्यादा नुकशान झेलना पड़ सकता है
  • Lump Sum Investment करने से पहले एक अच्छी इन्वेस्टमेंट होनी चाहिए ताकि लॉन्ग टर्म की लिए इन्वेस्ट कर पाओ
  • आप किसी म्यूच्यूअल फण्ड में डाल रहे हो तो आप येसे म्यूच्यूअल फण्ड में डालो जिसकी ग्रोथ अच्छी हो बेंच मेक्स से अच्छे रिटर्न निकाल के दिया हो फण्ड मेनेजर ठीक ठाक हो और फण्ड में जो करेक्शन हो रहा है वो सही समय पर हो रहा है की नहीं और लास्ट फण्ड मेनेजर कब चेंज हुआ था फण्ड के पोर्टफोलियो को कब चेंज किया गया था, सेक्टर एलोकेशन क्या क्या चल रहा होता है ये सभी चीजो को समझना होता है

निष्कर्ष :

हमारी राय यही होगी की इन्वेस्टमेंट करने से पहले अच्छे से रिसर्च कर लेना चाहिए फिर निवेश करना चाहिए हमने आपको बताया की Lump Sum इन्वेस्टमेंट क्या होता है और Lump Sum इन्वेस्टमेंट कैसे करे ये सारे सवालो के जवाब आपको मिल गए होंगे, उम्मीद करते आपको ये लेख पसंद आया होगा येसी ही शेयर मार्केट से जुडी सभी जानकारी के लिए आप हमारी साईट विजिट कर सकते है -धन्यवाद्-

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