शेयर बाज़ार में EPS क्या होता है | EPS Meaning In Hindi

शेयर बाज़ार में EPS क्या होता है | EPS Meaning In Hindi

आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से ये जानेंगे की शेयर बाज़ार में EPS क्या होता है (EPS Meaning In Hindi) EPS को कैसे कैलकुलेट करते है EPS कितने प्रकार का होता है और EPS की क्या उपयोगिता है इन सभी सवालो के जवाब इस आर्टिकल में हमने आपको बताया है-

शेयर बाज़ार में EPS क्या होता है (EPS Meaning In Hindi) :

EPS का मतलब होता है (earning per share) यानी की हिंदी में प्रति शेयर आय कहा जाता है EPS हमें ये बताता है की एक फिक्स समय में कंपनी अपने हर एक शेयर पर कितने रूपए का प्रॉफिट बना रही है इन्वेस्टर के लिए EPS (earning per share) एक बहुत ही महत्वपूर्ण नंबर होता है जो कंपनी के इनकम की पॉवर को बताता है और जिस कंपनी का इनकम पॉवर जितना ज्यादा होता है उस कंपनी के शेयर की प्राइस उतनी ज्यादा बड सकती है और कंपनी अपने प्रति शेयर के पीछे अपना प्रॉफिट देखती है और लाभ कमाती है जिसे हम EPS कहते है

EPS को कैसे calculate किया जाता है :

EPS निकालने का फार्मूला कुछ इस तरह होता है-

शेयर बाज़ार में EPS क्या होता है | EPS Meaning In Hindi

अगर किसी कंपनी का नेट इनकम फाइनेंसियल 2020 में 100 करोड़ रूपए है और कंपनी ने इसी फाइनेंसियल इयर में 5 करोड़ रूपए प्रेफर डिविडेंट दिया है और इसी इंटरवल में कंपनी की किसी average outstanding common share 10 करोड़ रूपए है तो इस कंपनी का EPS फाइनेंसियल इयर 2020 में हो जायेगा 100 माइनस 5 करोड़ डिवाइडेड 10 करोड़ यानी की 9.5 रूपए , ध्यान देने वाली बात यहाँ है की हर कंपनी का नहीं होता इसलिए बहुत सारी कंपनियों के प्रेफर डिविडेंड नहीं होते है और येसे में EPS निकालने के लिए हम कंपनी के net income को average number of share outstanding से डिवाइड कर देते है

  • net income = 100 करोड़ रूपए
  • preferred dividend = 5 करोड़ रूपए
  • average outstanding common share = 10 करोड़ रूपए
  • EPS = ( 100 cr – 5 cr ) / 10 cr = 9.5 rs

दोस्तों EPS के फोर्मुले में हम देख सकते है की एक कंपनी के EPS का उसके outstanding shares से इन्वेर्स रिलेशन होता है इसका मतलब अगर कंपनी का outstanding share बढेंगे तो कंपनी का EPS घटेगा और कंपनी के outstanding shares घटेंगे तो कंपनी का EPS बढेगा

दोस्तों अक्सर कंपनिया अपने शेयर का बायबैक करती है और इससे मार्केट में उनके total common outstanding share कम हो जाते है और इसकी वजह से EPS बड जाता है वही लगभग सारी कंपनिया हमने एम्प्लोई को ESOPs और बड़े इन्वेस्टर को warrants और convertible securities इशू करती है और ये जब ESOPs या convertible securities को common share में convert किया जाता है तो common outstanding share बड जाते है और इसकी वजह से EPS घाट जाता है इसी बात को ध्यान में रखकर अक्सर नार्मल EPS के साथ साथ diluted EPS भी कैलकुलेट किया जाता है

type of EPS (Earning Per Share)- EPS कितने प्रकार का होता है :

EPS (Earning Per Share) 2 प्रकार से होते है –

1 Basic EPS (basic earning per share) क्या होता है :

basic EPS से हमें ये पता चलता है की किसी भी शेयर को कंपनी के मार्केट में उतारा जाता है तब फिर उस शेयर की कमाई को देखा जाता है यह सामान्य EPS की तरह ही है

Basic EPS formula :

Basic EPS

2 diluted EPS क्या होता है :

diluted EPS में हम normal outstanding share के साथ सारे tab के convertible share भी कंसीडर करते है इसको उधारण से समझते है मानलो किसी कंपनी का net income फाइनेंसियल 2020 में 100 करोड़ रूपए है और कंपनी ने इसी फाइनेंसियल इयर में 5 करोड़ प्रेफर डिविडेंट दिए है और इसी इंटरवल में कंपनी की average outstanding common share 10 करोड़ रूपए है और साथ में अगर कंपनी के total convertible securities 2 करोड़ है तो EPS = net income 100 करोड़ -प्रेफर डिविडेंट 5 करोड़ /10 करोड़ outstanding common share + 2 करोड़ total convertible share यानी की 7.92 रूपए हो जायेगा और इस EPS को हम diluted EPS कहते है |

EPS की क्या उपयोगिता :

  • EPS कसी भी एअर्निंग (income) पॉवर को बताता है
  • बहुत सारे इन्वेस्टर्स हाई EPS वाले कंपनियों को पसंद करते है
  • EPS का उपयोग PE ratio को कैलकुलेट करने में होता है
  • किसी भी कंपनी का व्यापार कैसा चल रहा है ये जानने में EPS मदत करता है
  • कंपनी हर एक शेयर पर कितना लाभ कमा रही है EPS (earning per share) से देखा जाता है

ध्यान रखे :

दोस्तों ध्यान रहे की किसी एक साल का EPS (earning per share) किसी कंपनी के बारे में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं दे सकता है क्योकि एक साल में कोई भी कंपनी किसी भी वजह से प्रॉफिट बना सकती है और इस वजह से उसका EPS ज्यादा हो सकता है EPS का सही उपयोग तभी होता है जब हम कंपनियों के पिछले 3 से 5 साल के EPS को देखते है और अगर एक कंपनी लगातार अपने EPS बड़ा रही है तभी हम कह सकते है की ये कंपनी एक अच्छी कंपनी हो सकती है

उम्मीद है आपको शेयर बाज़ार में EPS क्या होता है, EPS को कैसे कैलकुलेट करते है EPS कितने प्रकार का होता है और EPS की क्या उपयोगिता है ये सभी सवालो के जवाब मिल गए होंगे ,

Q : EPS का full form क्या है ?

ANS : Earning Per Share

Q : EPS क्यों जरुरी है ?

ANS : EPS इसलिए जरुरी है ताकि कंपनी के प्रत्येक शेयर के प्रॉफिट को हम देख सके |

Q : EPS क्या होता है ?

ANS : EPS से हमें ये पता चलता है की कंपनी ने इस साल जो एअर्निंग किया है वो एक शेयर के ऊपर कितना एअर्निंग किया है

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